गायत्री मंत्र — सम्पूर्ण श्लोक, भावार्थ और महिमा
समस्त वेदों का सार — परम तेजस्वी परमात्मा से बुद्धि और विवेक को प्रकाशित करने की सार्वभौमिक प्रार्थना।
गायत्री मंत्र — सम्पूर्ण श्लोक, भावार्थ और महिमा
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
सरल हिंदी अर्थ:
उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे।
मंत्र जाप के लाभ एवं महिमा
प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करने से एकाग्रता, स्मरण शक्ति और बौद्धिक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होती है। यह मन को शांत और तेजस्वी बनाता है।