भक्ति कंटेंट (Bhakti Content)

राम नवमी

भगवान श्री राम के पावन प्राकट्य दिवस का उत्सव — धर्म, सत्य और मर्यादा के प्रतीक।

राम नवमी

पौराणिक कथा (Story)

राम नवमी का पावन पर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अयोध्या में राजा दशरथ और माता कौशल्या के घर प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था। जब पृथ्वी पर अधर्म और राक्षसों का अत्याचार चरम पर था, तब धर्म की पुनर्स्थापना और लंकापति रावण के संहार के लिए भगवान विष्णु ने श्री राम के रूप में मानव अवतार लिया।

आध्यात्मिक महत्व (Importance)

राम नवमी का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत पावन है। भगवान राम का जीवन हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में सत्य और धर्म के मार्ग पर कैसे अडिग रहा जाए। इस दिन व्रत रखने और श्री राम की भक्ति करने से जीवन के सभी पाप, भय और संताप नष्ट हो जाते हैं तथा मन में शांति और सात्विक ऊर्जा का संचार होता है।

पूजा विधि एवं उत्सव (Celebration & Rituals)

राम नवमी पर भक्तगण व्रत रखते हैं और अखंड रामायण तथा सुंदरकांड का पाठ करते हैं। दोपहर 12 बजे ठीक श्री राम के जन्म के समय शंखनाद, आरती और पालना झुलाने की परंपरा होती है। पंजरी और चरणामृत का भोग लगाया जाता है। अयोध्या धाम सहित पूरे देश में भव्य शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं।