रक्षाबंधन
भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और रक्षा के पावन संकल्प का महापर्व।
रक्षाबंधन
पौराणिक कथा (Story)
श्रावण पूर्णिमा को रक्षाबंधन मनाया जाता है। महाभारत काल में जब भगवान श्री कृष्ण की उंगली से रक्त बहने लगा, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था। भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को आजीवन रक्षा का वचन दिया और चीरहरण के समय उनकी लाज बचाई।
आध्यात्मिक महत्व (Importance)
रक्षाबंधन केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और जीवन भर एक-दूसरे का संबल बनने का पवित्र संकल्प है।
पूजा विधि एवं उत्सव (Celebration & Rituals)
बहनें भाई के माथे पर कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाकर कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं, आरती उतारती हैं और मिठाई खिलाती हैं। भाई उपहार देकर रक्षा का वचन लेते हैं।