भक्ति कंटेंट (Bhakti Content)

गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा)

गुरु के प्रति कृतज्ञता, समर्पण और महर्षि वेदव्यास जी के जन्मोत्सव का पावन पर्व।

गुरु पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा)

पौराणिक कथा (Story)

आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था जिन्होंने वेदों का विभाजन कर पुराणों और महाभारत की रचना की। इसी दिन भगवान शिव ने आदि गुरु के रूप में सप्तऋषियों को योग और आत्मज्ञान की दीक्षा दी थी।

आध्यात्मिक महत्व (Importance)

गुरु शिष्य के अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान का दिव्य दीपक जलाते हैं। गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु का आशीर्वाद लेने से जीवन के समस्त संशय समाप्त होते हैं।

पूजा विधि एवं उत्सव (Celebration & Rituals)

शिष्य अपने गुरु के आश्रम जाकर चरण वंदना, पाद पूजन, आरती और गुरु मंत्र का जाप करते हैं। संत-महात्माओं का सत्कार और भंडारा किया जाता है।