दीपावली (दिवाली)
दीपों का महापर्व — अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक।
दीपावली (दिवाली)
पौराणिक कथा (Story)
कार्तिक मास की अमावस्या को 14 वर्ष के वनवास और लंकापति रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या लौटे थे। अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर पूरी नगरी को जगमग कर उनका स्वागत किया था। इसी पावन दिन समुद्र मंथन से महालक्ष्मी जी का प्राकट्य भी हुआ था।
आध्यात्मिक महत्व (Importance)
दीपावली जीवन में सकारात्मकता, नई शुरुआत और आध्यात्मिक प्रकाश का संदेश देती है। इस दिन महालक्ष्मी और श्री गणेश की विधिवत पूजा से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
पूजा विधि एवं उत्सव (Celebration & Rituals)
घरों की साफ-सफाई कर दीपों और रंगोली से सजाया जाता है। शाम को शुभ मुहूर्त में माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है, खील-बताशे और मिष्ठान्न का भोग लगाया जाता है, और एक-दूसरे को शुभकामनाएं व उपहार बांटे जाते हैं।